🕉️ कक्षा 9 संस्कृत (पीयूषम् भाग-1) - बिहार बोर्ड
श्लोक, कथाएँ एवं व्याकरण - सभी अध्यायों के PDF समाधान और बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
📖 पीयूषम् भाग-1 - सभी अध्याय
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संस्कृत श्लोकों का उच्चारण
शुद्ध उच्चारण और अर्थ सहित
संस्कृत व्याकरण - सरल भाषा में
शब्द रूप, धातु रूप, संधि, समास
पीयूषम् - पाठों की व्याख्या
सभी अध्यायों की सरल हिंदी व्याख्या
शब्द रूप
राम, फल, गुरु, मति, पितृ, राजन् आदि शब्दों के रूप। संस्कृत में 3 वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) और 8 कारक होते हैं।
धातु रूप
पठ् (पढ़ना), गम् (जाना), भू (होना), अस् (होना), कृ (करना) आदि धातुओं के लट्, लृट्, लङ्, लोट्, विधिलिङ् लकारों में रूप।
सन्धि
स्वर सन्धि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण), व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि। उदा: राम + आश्रम = रामाश्रम।
समास
तत्पुरुष, कर्मधारय, द्वंद्व, बहुव्रीहि, अव्ययीभाव समास। उदा: राजपुरुष = राजा का पुरुष (तत्पुरुष)।
प्रत्यय
कृत् प्रत्यय (क्त, क्तवतु, तुमुन्, ल्यप्), तद्धित प्रत्यय (मतुप्, ठक्, अण्)। उदा: पठ् + क्त = पठितः।
कारक
कर्ता (ने), कर्म (को), करण (से), संप्रदान (के लिए), अपादान (से), संबंध (का), अधिकरण (में), संबोधन (हे)।
उपसर्ग
प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आदि 22 उपसर्ग। धातुओं के अर्थ में विशेषता लाते हैं।
प्रसिद्ध श्लोक
विद्या ददाति विनयम्, सत्यमेव जयते, कर्मण्येवाधिकारस्ते, वसुधैव कुटुम्बकम् आदि श्लोकों के अर्थ सहित।